पूर्वी पड़ोसी के साथ रिश्तों की नई पहल

दिसंबर 2018 के चुनाव में जीत कर शेख हसीना एक बार फिर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बन गई हैं। यह भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए अच्छी खबर है यह तो हम सब जानते हैं। लेकिन कम ही लोग यह जानते हैं कि बांग्लादेश की आर्थिक प्रगति के कारनामे ने इस रिश्ते को एक नया आयाम दिया है। कई बार हम भारत के उपमहाद्वीपीय पड़ोसियों को एक सरीखे स्तर का मानते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि बांग्लादेश भारत के लिए सिर्फ किसी एक नहीं, कई कारणों के चलते जरूरी बन गया है।

For more, read this article by Pranay Kotasthane and Hemant Chandak in Rajasthan Patrika published on 8th February 2019.