रामदेव की कोरोनिल ने सोशल मीडिया की भ्रामक सूचनाओं के खिलाफ जंग में कैसे मुश्किलें बढ़ाईं

एक तरफ जहां दुनियाभर के वैज्ञानिक अभी कोरोनावायरस की वैक्सीन खोजने के लिए खासी मशक्कत कर रहे हैं, रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने इसी हफ्ते घोषणा कर दी कि उसने कोविड-19 की ‘दवा’ बना ली है. रामदेव के मुताबिक, कोरोनिल और स्वासरी दवाओं के अच्छे नतीजे सामने आए हैं और इससे परीक्षण में शामिल ऐसे सभी कोरोनावायरस मरीज ‘ठीक’ हो गए जो वेंटीलेटर पर नहीं थे.

नई ‘दवा’ की घोषणा और उसके बाद की प्रतिक्रिया- नरेंद्र मोदी सरकार के आयुष मंत्रालय ने पतंजलि से कोरोनिल का प्रचार रोकने को कहा और उत्तराखंड आयुर्वेद विभाग ने कहा कि कंपनी ने लाइसेंस के लिए अपने आवेदन में कोरोनावायरस का जिक्र तक नहीं किया था. इसने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन्फॉर्मेशन डिसऑर्डर को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी. और सवाल उठा कि महामारी या ऐसी अन्य स्थितियों के दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी कैसी भ्रामक सूचनाएं सामने आती हैं.